Monday, 26 December 2016

"नया साल" कहां मनाएं


नया साल बस आने ही वाला है। वीकेंड पर लंबी छुट्टी के साथ नये साल की तैयारी भी शुरु हो चुकी है। कोई बीचेज का प्लान बना रहा है, तो कुछ बर्फवारी का लुत्फ़ उठाने का। अगर आप लोकेशन चुनने को लेकर असमंजस में है, तो आइए आपको बताते है, कुछ ऐसी ही जगहों के बारे में, जहां नया साल अनोखे अन्दाज में सेलिब्रेट कर सकते हैं...

नये साल को यादगार बनाना चाहते हैं, तो इसके लिए भारत में गोवा का नाम सबसे पहले जेहन में आता है। यह जगह नये साल को सेलिब्रेट करने के लिए सबसे मशहूर है। वैसे, इस मौसम में आप दक्षिण भारत का भी रुख कर सकते हैं। इस दौरान यहां आपको अच्छा मौसम मिलेगा। तिरुवनंतपुरम में कोवलम बीच छुट्टियों के लिए बेहतरीन जगह है। इसी तरह मुन्नार और कोडाइकनाल जैसे डेस्टिनेशन भी अच्छे विकल्प हो सकते है। विदेशी लोकेशन की बात करें, तो नये साल के लिए न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया से अच्छी जगह और क्या हो सकती है। यहां सूरज न सिर्फ सबसे पहले दस्तक देता है, बल्कि नये साल पर ऑस्ट्रेलिया में होने वाली रंग-बिरंगी आतिशबाजी दुनियाभर में मशहूर है।
रीड मोर फॉर न्यू ईयर सेलिब्रेशन इन रीड मोर फॉर न्यू ईयर सेलिब्रेशन इन ऑस्ट्रेलिया । अगर आपका बजट थोड़ा कम है, तो भी आपको पास ढेरों विकल्प हैं। कम खर्च में थाईलैंड, सिंगापूर, मलेशिया आदि अच्छे विकल्प हो सकते है, लेकिन यह ध्यान रखना होगा की यहां छुट्टियों के दौरन भीड़ ज्यादा रहती है।
नए साल का सेलिब्रेशन
देश में नये की छुट्टियों मनाना हो, तो आमतौर पर लोगों की लिस्ट में गोवा सबसे ऊपर होता है। इस दौरान यहां काफी भीड़ होती है। लेकिन जो लोग सुकून के साथ नये साल की छुट्टियां मनाना चाहते हैं, उनके लिए ये जगहें शानदार साबित हो सकती है।


पुड्डूचेरी: यह खूबसूरत होने के साथ शांत इलाका है। यहां फ़्रांस के शासकों ने वर्षो तक शासन किया था, इसलिए यहां आने के बाद आपको अहसास होगा कि आप फ्रांस के प्रभाव वाले किसी एरिया में आ गए हों। खूबसूरती के साथ सजे गार्डन,चर्च, ऐतिहासिक इमारतों के साथ-साथ यहां कि साफ और चौड़ी सड़कें आपको आकर्षित करेंगी। वैसे, यहां कि हरियाली और संस्कृति का कोई जवाब नहीं है, बीचेज के किनारे नारियल के पेड़, फिशिंग विलेज के अलावा, श्री अरबिंदो आश्रम, ऑरोविले शहर, गांधीजी कि मूर्ति, मातृ मंदिर, फ्रांसीसी युद्ध स्मारक, जोसफ फ्रैंकोअस डुप्लीक्स कि मूर्ति, आर्क केजोन कि मूर्ति आदि सैलानियों के लिए देखने लायक जगहें हैं।


मैक्लोडगंज: चारों तरफ पहाड़, घने जंगल और प्रकृति की ऐसी खूबसूरती जिस पर से नजर हटाने का मन न करें, ऐसी ही एक जगह है मैक्लोडगंज। शहर के शोरगुल से दूर शांत वादियों में प्रकृति के बीच नये साल की शुरुआत करने वालों के लिए इस जगह से अच्छा और क्या हो सकता है। धर्मशाला से इसकी दुरी बहुत ज्यादा नहीं है। यहां पर तिब्बती संस्कृति का असर भी देखने को मिलता है। दलाईलामा मंदिर के साथ-साथ तिब्बत म्यूजियम देखने लायक जगह है। कश्मीर की तरह यहां भी डल झील है, जो मैक्लोडगंज से करीब दो किमी, की दुरी पर है।


कुर्ग: इस जगह की प्राकृतिक खूबसूरती ऐसी है कि इसे भारत का स्कॉटलैंड भी कहा जाता है। यह कर्नाटक में स्थित है। यहां कि शांति और कुदरत के अनुपम सौन्दर्य के बीच नये साल कि छुट्टियां यादगार हो सकती हैं। घूमने के लिए कई सुंदर पर्यटक स्थल मौजूद है। राजा सीट पार्क का अपना एक अलग आकर्षण है। यहां से हरी-भरी घाटी और धुंध में छिपे पहाड़ों का सौंदर्य देखते ही बनता है। कुशाल नगर में प्रसिद्ध तिब्बती मोनेस्ट्री कि सैर के बाद आप धार्मिक क्षेत्र इरूप्पू भी देख सकते हैं। यहां लक्ष्मणतीर्थ नदी बहती है। कहा जाता है कि सीता को ढूंढ़ते हुए राम और लक्ष्मण यहां से गुजरे थे। कुर्ग के बारे में और पढ़े!

गंगटोक: नये साल में घूमने की योजना में सिक्किम की राजधानी गंगटोक को भी शामिल कर सकते हैं। यह शहर ऐतिहासिक मठों और प्राकृतिक सौन्दर्य के लिए मशहूर है। रानीपुल नदी के तट पर बसे इस शहर से बर्फ से ढकी कंचनजंगा श्रेणी को देखने रोमांचित कर सकता है। ऐसा लगता है, जैसे पर्वत आकाश से सटा हुआ है और हल पल अपना रंग बदल रहा हो। यहां का मौसम काफी मनमोहक होता है। बौद्ध मठ और स्तूप के कारण यहां आकर आपको बिल्कुल एक अलग-सा अहसास होगा। गणेश टोक, हनुमान टोक, इनहेंची मठ, ऑर्चिड अभयारण्य, टिसुक ला खंग, ताशि व्यू प्वाइंट देखने लायक जगह हैं। रूमटेक भी देख सकते हैं, जो काफी पुराना मठ है।


जैसलमेर: थार मरुस्थल में बसा राजस्थान का जैसलमेर शहर भी नये साल की छुट्टियां मनाने के लिए एक बेहतर विल्कप हो सकता है। इस दौरान यहां का मौसम भी सुहाना होता है। इसे हवेलियों रो झरोखों की नगरी भी कहा जाता है। संकरी गलियों वाले जैसलमेर के ऊंचे-ऊंचे भव्य आलिशान भवन और हवेलियां सैलानियों को मध्यकालीन राजशाही की याद दिलाती हैं। शहर इतने छोटे क्षेत्र में फैला है कि सैलानी यहां पैदल घूमते हुए मरुभूमि के इस शहर को आसानी से निहार सकता है।
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