Monday, 2 January 2017

कैशलेस टूरिज्म कैसे संभव है


अगर आप कहीं बाहार घूमने का मन बना रहे है, तो बेहतर होगा कि मौजूदा व्यवस्था के हिसाब से तैयारियों को अंजाम दें, क्योंकि कैशलेस बनने की दिशा में सरकार ने जो फैसले लिए है, उससे पर्यटन क्षेत्र भी अछूता नहीं है। महज थोड़े से दिनों में ही देश के अधिकांश पर्यटन क्षेत्र कैशलेस सिस्टम से जुड़ने की रहा पर चल निकले हैं, देश में कैश की किल्लत है। इसलिए बैग पैक करते वक़्त यह सुनिश्चित जरूर कर लें कि क्या आप कैशलेस टूरिज्म को अपनाने के लिए तैयार हैं?
हाल ही में मेरी एक सज्जन से मुलाकात हुई, जो गोवा में कुछ दिन बिताकर लौटे हैं। उनके अनुभव से यह समझ आया कि कैश के किसी एक विकल्प से सहारे कहीं जाना आपकी खुशियों में खलल कि वजह बन सकता है। गोवा कि ही बात करें, तो वहां नोटबंदी से पहले तक पर्यटन उधोग को होने वाली कमाई में एक बड़ा हिस्सा नकद रूप में आता था। अब हालात बदल गए है, जो लोग पहले से ही कैशलेस सुविधाएं दे रहे थे उनके लिए तो सब कुछ पहले जैसा है, मगर नकद स्वीकार करने वालों के लिए कुछ परेशानी हुई है।
इस परेशानी से निकलने के लिए वे विकल्प लताश रहे है और बतौर पर्यटक हमें उन विकल्पों कि समझ होना जरूरी है। वहां डेबिट या क्रेडिट कार्ड नहीं चलता, क्योंकि उनके पास पीओएस मशीन नहीं है, जिनसे कार्ड स्वाइप होता है। इसलिए डिजिटल वॉलेट जैसे कि पेटीएम या मोबिक्विक का इस्तेमाल कर रहे हैं। गोवा में टूर एंड ट्रेवल्स व्यवसाय से जुड़े बॉबी कहते है, पर्यटकों को नकदी के जितने भी विकल्प है सभी से लैस होकर आना चाहिए। किसी एक पर निर्भर रहने का मतलब है,
परेशानी को न्योता देना। कई बार ऐसा होता है कि डिजिटल वॉलेट इन्टरनेट की स्पीड कम होने के चलते काम नहीं करते, ऐसी स्थिति में बहुत मुश्किल हो जाती है। बॉबी और पर्यटन उधोग से जुड़े उनके जैसे कई अन्य लोग पर्यटकों को ऑनलाइन बैंक टू बैंक मनी ट्रांसफर का विकल्प भी मुहैया करा रहे हैं। कैशलेस टूरिज्म के माहौल में अगर आपको अपनी छुट्टियों का भरपूर आनंद उठाना है, तो तैयारी भी पक्की होनी चाहिए।
क्या करना चाहिए?

  • डेबिट या क्रेडिट कार्ड साथ लेकर जाएं। यदि आपके पास दो अलग-अलग बैंकों के कार्ड हैं, तो दोनों साथ रख लें।
  • कभी-कभी कोई कार्ड रीड नहीं करता, ऐसी स्थिति में अलग आपके पास दूसरे बैंक का कार्ड होगा तो बेहतर रहेगा।
  • पेटीएम जैसे डिजिटल वॉलेट में कुछ पैसे जरूर रखें। हालाकिं एक बार में बड़ी रकम अपने खाते से इस वॉलेट में ट्रांसफर करने से बचें।
  • यदि आपके पास इन्टरनेट मोबाइल बैंकिंग की सुविधा नहीं है, तो उसे एक्टिव कराएं, क्योंकि अगर कार्ड या वॉलेट काम नहीं आता, तो इन्टरनेट बैंकिंग आपका साथ से सकती है।
  • कैशलेस के दौर में भी अपने पास कुछ-न-कुछ कैश मनी जरूर रखें, क्योंकि छोटे दुकानों, बुक स्टॉलऔर ढाबों पर इसकी जरूरत पड़ सकती है।  
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