Wednesday, 12 July 2017

, ,

"Dalhousie" A beautiful destination for travels

Dalhousie
विश्व प्रसिद्ध डलहौजी पर्यटन की दृष्टि से हिमाचल का स्वप्निल स्थल है, जहां देवलोक की कल्पनाएं साक्षात उभरती प्रतीत होती हैं, जो आज भी अपने अंदर अपनी विरासत के साथ-साथ नैसर्गिक सौंदर्य को बचाये रखने में सफल है। अगर आप अपने जीवन के रूखेपन, शहर की भीड़ और आधुनिक चकाचौंध से तंग हैं तो बड़ी आसानी से और सस्ते में जीवन को प्राकृतिक रंगों से भर सकते हैं। हिमाचल प्रदेश का छोटा सा शहर डलहौजी कुदरत के खूबसूरत नजारों के लिए दुनिया भर में जाना जाता है। घास के मैदान के रूप में जाना जाने वाला खजियार प्राकृतिक सौंदर्य के साथ ही धार्मिक आस्था की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। जबकि धार्मिक आस्था, कला, शिल्प, परंपराओं और प्राकृतिक सौंदर्य को अपने आंचल में समेटे चंबा हिमाचल की सभ्यता और संस्कृति का जीवंत प्रतीक है। डलहौजी की गिनती अंग्रेजों से समय से ही एक शांत सैरगाह के रूप में होती है। खजियार हरे-भरे जंगल के मध्य फैले घास के मैदान के लिए प्रसिद्ध है और चंबा ऐतिहासिक व धार्मिक महत्व वाला पर्वतीय नगर है। पांच पहाड़ियों पर बसा डलहौजी शहर जिस प्रकार हिमाचल प्रदेश के शिमला नगर को बसाने का श्रेय लेफ्टिनेंट रास (1819) व ले. कैंडी 1821 को जाता है। उसे तरह डलहौजी जैसे जंगली क्षेत्र को लार्ड डलहौजी (1854) ने बसाकर अंग्रेजों की ठण्डे पहाड़ और एकांत स्थल में रहने की इच्छा को पूरा किया। लार्ड डलहौजी के नाम पर इस स्थान का नाम डलहौजी रखा गया। 1850 में चंबा नरेश और ब्रिटिश शासकों के बीच डलहौजी के लिए एक पट्टे पर हस्ताक्षर हुए थे। समुद्रतल से 2039 मिटेर ऊंचाई पर स्थित डलहौजी13 किमी. में फैला क्षेत्र है जहां कुछ दिन गुजारना स्वयं में अनोखा अनुभव है। पांच पहाड़ियों बेलम, काठगोल, पोटरेन, टिहरी और बकरोटा से घिरा डलहौजी सुंदर और स्वच्छ शहर है। डलहौजी देवदार के घने जंगलों में घिरा हिमाचल का प्रमुख पर्यटक स्थल है। यहां की ऊंची-नीची पहाड़ियों पर घूमते हुए पर्यटक रोमांचित हो उठता है। पंडित जवाहर लाल नेहरू को डलहौजी बहुत पसंद था। वे इसे हिमाचल की गुलमर्ग कहते थे। डलहौजी में जहां कई दर्शनीय स्थल है वहीं यहां देश के जाने-माने लोगों की यादें रची बसी है।

कैसे पहुंचा जा सकता है डलहौजी
निकटतम हवाई अड्डा- कांगड़ा से 140किमी, अमृतसर से 192 व जम्मू से 190 किमी। 

रेल्वे स्टेशन- पठानकोट से 80 किमी। 
सड़क मार्ग- दिल्ली चंडीगढ़, पठानकोट, शिमला आदि स्थानों से नियमित बसें उपलब्ध। 
डलहौजी में कहां ठहरें- डलहौजी में समस्त सुविधाओं से युक्त हर प्रकार की श्रेणी वाले होटलों तथा गेस्ट हाउसों की श्रृंख्ला उपलब्ध है।
Share:

0 comments:

Post a Comment