Saturday, 29 July 2017

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Kingfisher Beautiful view in Goa


गोवा केवल बीचेज के लिए ही मशहूर नहीं है, बल्कि पक्षी प्रेमियों के लिए भी बेहतरीन जगह है। मानसून के मौसम में यहां खूबसूरत किंगफिशर का दीदार किया जा सकता है। किंगफिशर की जितनी प्रजातियां गोवा में पाई जाती हैं, उतनी यूरोप में भी नहीं...

किंगफिशर खूबसूरत पक्षी है। आप गोवा में इस पक्षी को खिन भी देख सकते हैं। गोवा में किंगफिशर की करीब आठ प्रजातियां पाई जाती हैं। आपको यह जानकर ताज्जुब होगा कि पुरे यूरोप में किंगफिशर कि सिर्फ एक ही प्रजाति पाई जाती है। आप भाग्यशाली हैं कि आपको गोवा में ही किंगफिशर कि इतनी सारी प्रजातियां देखने को मिल जाती हैं। गोवा में रहने वाले अधिकतर लोग किंगफिशर की दो से चार प्रजातियां ही देख पाते हैं। वैसे, गोवा में सफेद गले वाले किंगफिशर सामान्यतौर पर देखने को मिल जाते हैं।
वैसे, आप यह भी सोचते होंगे कि किंगफिशर पानी वाले स्थान पर ही मिलता होगा, लेकिन जनाब, आप यहीं पर तो धोखा खा गए। सफेद गले वाले किंगफिशर को आप पानी वाले स्थान पर कभी भी देख नहीं सकते। आप कह सकते हैं कि इसे पानी से एलर्जी है। इस प्रजाति के किंगफिशर को प्राय: जंगल, बगीचों, बिजलों के तारों पर देखा जा सकता है। यह किट, छिपकली और छोटे साँपों को खाता है, जो सूखाग्रस्त क्षेत्रों में पाया जाता है। यह गोवा में कहीं भी दिख जाता है, इसलिए इसकी फोटोग्राफी करना काफी आसान है।

पाइड किंगफिशर
paradise kingfisher bird

पाइड किंगफिशर तो बहुत कम ही देखा जाता है, क्योकिं अब यह बहुत कम रह गया है। यह देखने में बहुत प्यारा होता है। हालांकि इस प्रजाति के किंगफिशर दूसरे से काफी अलग होते हैं, इसलिए इसे पहचानने में आप लगती नहीं कर सकते। यह एकमात्र किंगफिशर है, जो सिर्फ काले और सफेद रंगों में देखने को मिलता है। उड़ते हुए पाइड किंगफिशर की तस्वीर खींची जा सकती है। इस मामले में यह बेहतरीन है। इसका उड़ते हुए फोटो खींचना इसलिए भी संभव हो पाता है, क्योंकि यह पानी के ऊपर कुछ देर के लिए एक ही जगह पर टिका रहता है। इसके बाद यह मछली पकड़ने के लिए सीधे पानी में डुबकी लगाता है। अगर आपके कैमरे की शटर स्पीड तेज है, तो कैमरे में इसकी फोटो फ्रीज कर सकते हैं। पाइड किंगफिशर हमेशा जोड़ों में पाए जाते हैं। इसलिए ये एक-दूसरे से ज्यादा समय तक दूर नहीं रह सकते। यह शर्मीले किस्म का किंगफिशर है, जो थोड़ा मुश्किल से मिलता है।
पाइड किंगफिशर को स्टॉर्क बिल्ड के नाम से भी जाना जाता है। इसकी चोंच सारस की तरह होती है। यह आकर में अन्य किंगफिशर से थोड़ा बड़ा होता है। आप इसे गोवा में देख सकते हैं। सामान्यत: यह किंगफिशर जल स्रोंतों के नजदीक पेड़ों में छेद करता हुआ दिखाई दे जाता है। स्टॉर्क बिल्ड किंगफिशर का रंग अन्य किंगफिशर की तुलना में बहुत मंद होता है। लेकिन जब यह उड़ता है, तो इसका पीछे का हिस्सा ब्लू होने के कारण काफी खूबसूरत लगता है।

ब्लैक कैप्ट किंगफिशर
किंगफिशर की चार अन्य प्रजातियां के लिए आपको गोवा के विशेष क्षेत्र की यात्रा करनी होगी। जैसे ब्लैक कैप्ट किंगफिशर को ही लीजिए। इस किंगफिशर को मैंने गोवा में सिर्फ अपनी बोट ट्रिप के दौरान ही देखा है। यह भी शर्मीले स्वभाव का होता है।
अगर आप गोवा में बोटिंग ट्रिप पर जाते हैं, तो आपको कभी-कभी ब्लैक कैप्ट किंगफिशर देखने को मिल जाएगा। यह किंगफिशर तब तक नहीं उड़ता जब तक आ इसके काफी करीब नहीं पहुंच जाते हैं। इस तरह आप इसकी खूबसूरती को कैमरे में कैद कर सकते हैं, जो आपकी यात्रा को यादगार बना सकता है। अन्य किंगफिशर की तुलना ब्लैक कैप्ट किंगफिशर से की जाए, तो यह सभी किंगफिशर में सबसे ज्यादा रंगों वाला खूबसूरत पक्षी है। अगर प्रकाश भरपूर हो, तो इस किंगफिशर के खूबसूरत नीले रंगों वाले पंखों को देखने की बात ही कुछ और है, क्योंकि प्रकाश में यह किंगफिशर अपने पंखों को फैलाकर अजीब करतब दिखाता है। कॉलर्ड किंगफिशर गोवा में सिर्फ एक ही स्थान पर पाया जाता है, जिसे देखने के लिए ही बहुत सारे लोग बोट ट्रिप पर जाते हैं। इस किंगफिशर की फोटोग्राफी भी बमुशिकल ही हो पाती है।

ओरिएंटल ड्वॉर्फ किंगफिशर
सभी किंगफिशर में इस सबसे छोटा होता है। इसका आकर सामान्य किंगफिशर से भी आधा होता है। इसकी फोटोग्राफी के लिए प्रत्येक बार औसतन एक से दो घंटे इंतजार करना पड़ा। एक बार फोटोग्राफी के दौरान जब मुझे अपने आगे नीले रंग की कोई चमकती हुए चीज झाड़ियों में बैठी हुई दिखाई दी, तो मुझे अपनी आंखों पर यकीन नहीं हुआ।
जब मै मुड़ा तो पाया कि मैं गलत था, लेकिन जग मैंने अपने दूरबीन से जांच की तो मेरी ख़ुशी का ठिकाना नहीं रहा, क्योंकि सामने नीले रंगों वाला किंगफिशर था। चार मिंट बाद मै उस नन्हीं तेज चिड़ियां से मात्र 10 मीटर की दुरी पर था। इसके बाद अचानक मेरे सामने एक गिलहरी आ गई। मै ठिठक गया। किंगफिशर ने मुझे ध्यान से देखा, लेकिन उड़ा नहीं। मै धीरे-धीरे किंगफिशर की ओर बढ़ता रहा। अब मै किंगफिशर से महज दो मीटर की दुरी पर था, तभी मेरा सेलफोन बज उठा। यह किंगफिशर के लिए आखिरी चेतावनी बन गया और वह वहां से उड़ चला।
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