Friday, 20 October 2017

Know these Things Before traveling on a plane


त्योहारों के मौसम में एयरलाइन कंपनियां यात्रियों को लुभाने के लिए ऑफर्स की लंबी लिस्ट लेकर आएंगी। ऐसे में अगर आप भी प्लेन में सफर करने जा रहे हैं तो आपको अपने अधिकारों के बारे में जानकारी होनी चाहिए...
  • अगर किसी कारण आपने टिकट रद्द कराया है तो पैसा फौरन रिफंड होता है। डीजीसीए की वेबसाइट के मुताबिक कैश से पैमेंट किया गया है तो रिफंड हाथों-हाथ मिलेगा। अगर अपने क्रेडिट कार्ड से हवाई टिकट लिया है, तो 7 दिन के अंदर आपके पैसे अकाउंट में जाते हैं, जबकि ट्रैवेल एजेंट से कराया हुए टिकट का रिफंड एजेंट के अप्रोच पर निर्भर करता है।
  • किसी भी यात्री को ओवरवेट की वजह से प्लेन से उतरा जाता है, तो इसके लिए उसे राजी करना जरूरी है। इसके बाद एयरलाइन को उचित मुआवजा भी देना होता है। किसी यात्री को प्लेन में चढ़ने से रोकने पर भी उसे मुआवजा देना पड़ता है। अगर कम्पनी ऐसा नहीं करती है तो उसे १ घंटे के अंदर ही किसी दूसरे विमान से यात्री के जाने का प्रबंध करना पड़ता है।
  • डीजीसीए का यह नियम है कि विमान ख़राब होने के 1 घंटे बाद पैसेंजर कि सुविधा देनी होगी। यदि वह सुविधा नहीं चाहता तो हाथों-हाथ टिकट का पैसा देना पड़ेगा। इसकी जानकारी पैसेंजर को नहीं होती, इसलिए एडजस्ट करने को मजबूर होते हैं।
  • यदि यात्री दूसरे विमान में जाना चाहता है तो उसकी व्यवस्था भी कंपनी को करनी पड़ेगी। यदि विमान एक घंटे बाद भी नहीं उड़ा और दूसरे विमान के आने में देरी हो तो यात्री के ३ स्टार होटल में रुकने की व्यवस्था करनी होगी। इसके बाद जैसे ही दूसरा विमान आ जाए, यात्री को होटल से कंपनी के किराए से टैक्सी में वहां तक पहुंचाना होगा। उड़न यदि देर रात को नहीं उडी तो यात्री को होटल किराया कंपनी को ही देना होगा।
  • यदि इन सबसे एयरलाइन कंपनी ने पल्ला झाड़ दिया तो डीजीसीए की वेबसाइट पर 24 घंटे में शिकायत करना चाहिए। इसके बाद सुनवाई नहीं होती हैं तो यात्री को पहले एयरपोर्ट डायरेक्टर को लिखित में या फिर एसएमएस करके जानकारी देनी होगी।
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